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माया ,मोदी ,मुलायम ,मनमोहन ,ममता की नीतियों का निहितार्थ

Posted On: 10 Feb, 2013 में

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प.बंगाल ,उ .प्र. ,गुजरात में चुनाव हुआ , अब भारत वर्ष में २०१४ में चुनाव होने वाला है , परन्तु इनमें कोई साम्यता नहीं है . बस इतनी ही साम्यता है किसभी बहुमत से सरकार चला रहें हैं .प . बंगाल का चुनाव ममता जी वामपंथियों की जमी जमाई सरकार को हटा कर जीती . उ . प्र .में पूर्ण बहुमत की सरकार को हरा कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनी . गुजरात में तीसरी बार सरकार बना कर मोदी जी हैट्रिक जमा चुके हैं .यह सभी अप्रत्याशित था .२०१४ में कौन सरकार बनाएगा, अभी भविष्य के गर्भ में है . परन्तु भारतीय जनमानस की सोच को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यह भी अप्रत्याशित ही होगा .
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ममता जी ने वामपंथियों की जागीर को एक झटके में उजाड़ दिया . कही कोई आवाज़ नहीं हुई . यही प्रजातंत्र का सत्ता परिवर्तन है . उ.प्र, में समाजवादियों को अपनी सोच से अधिक मिला .वे भी भौचक थे . आज गुजरात में भी यही दशा है उ. प्र. में बसपा एक ख़ास समुदाय के वोट तथा “शोशल इंजीनियरिंग “की छद्म कवायद से आई . पुराने समय में पैसा देकर वोट खरीदा जाता था और लोग पैसा और शराब की वोतल पर दिखा कर वोट देते थे . अब लालच देकर , सरकारी पैसे से वोट खरीदा जा रहा है .वह भी कानून के दायरे में रह कर . सपा ने टैबलेट , कन्या विद्याधन , एवं कर्ज माफी का लालच देकर वोट खरीदा . चाणक्य का अर्थ शास्त्र कहता है कि यदि देश में दुर्भिक्ष पड़े तो राजा जनता से गड्ढे खुदवा कर उसे पट्वावे और जनता को मजदूरी देवे . किसी भी शास्त्र में कहीं भी नहीं कहा गया है कि सरकार कुछ ख़ास कर्ज खोरों को मुफ्त में धन दे . यह तो राज कोष कि खुली लूट है जो लूट न सके उन्हें अफसोस हुआ कि उन्होंने क़र्ज़ क्यों नहीं लिया था .जब इस सबका फैसला सरकार (मंत्री मंडल ) करता है तो इसका निर्णय पार्टी कैसे कर सकती है ?
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आज गुजरात में मोदी जी ने एकतरफा जीत दर्ज की है . गुजरात में पुरे भारत के किसी भी राज्य से ज्यादा विजली दी जाती है . मोदी जी के आने से पहले राज्य में विद्युत् हानि का प्रतिशत बहुत ज्यादा था , आज वह घट कर १७% तक हो गया है . हो रही विद्युत् हानि को मोदी ने बचा कर उसे विद्युत् उत्पादन में जुड़वा दिया किसी नए पावर स्टेशन के स्थापित किये बिना . आज उ. प्र. में कितने कटिया कनेक्शन हैं ?आप अपने मोहल्ले में ही देख लीजिये .तमाम मिलेगें . मगर यहाँ तो मोहल्ले भी अमीर- गरीब ,पिछड़े , दलित अल्पसंख्यक में बंटे हुए हैं . जांच कौन करेगा ?किसकी करेगा ?विजली चोरी जारी रहेगी . विजली ह्रास बढ़ता रहेगा . वोट पक्का रहेगा . चोरों के वोट से सरकार बनेगी . अब सोचिये वह कैसी होगी !मोदी ने टाटा को जमीन दी , कारखाना लगा ,उसके आसपास छोटी -छोटी पार्टस की फैक्टरियां लगी , उद्योग बढ़ा , लोग खुशहाल हुए , आपको जानकार ताज्जुब होगा , आसपास अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अधिकाधिक संख्या में हैं . मोदी के समर्थक अब अल्पसंख्यक भी होने लगे हैं .परन्तु धर्म निरपेक्ष लोगों ( पंथनिरपेक्ष नहीं )को एक धर्म का पोलराइजेशन नज़र आ रहा है , क्योंकि वे हिन्दुओं को मुसलमानों के साथ खडा देखने के आदी नहीं हैं . कैसे लोगों को बांटा जाय और अपना उल्लू सीधा किया जाय , यही इनका काम है .
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२०१४ के आने की आहट जैसे -जैसे नज़दीक आती जा रही है ,सभी पार्टियां अपने अपने नेजों पर धार दे रही हैं . देखिएगा कुछ दिनों में जातियों का सम्मलेन , जैसे उ. प्र. में चुनाव के पहले हुआ था . उसी तर्ज़ पर पुनः शुरू होगा . सभी हितैषी बनने ,दिखने की जुगत लगाते नज़र आयेगें . क़र्ज़ माफी के वायदे किये जायेगें . यदि आपने क़र्ज़ न लिया हो तो ले डालिए . सभी पार्टियों का शोध ग्रुप चुनाव जीतने के नुस्खे खोजने में जुटेगा . अब गरीबी हटाओ का नारा पुराना पड़ गया है . भ्रष्टाचार मिटाने का नारा इनके लिए कोई मायने नहीं रखता . विकास का मुद्दा किसी को रास नहीं आयेगा . एक दुसरे को साम्प्रदायिक घोषित किया जाएगा . मुसलामानों को हिन्दुओं से कैसे दूर रखा जाय , इसके ऊपर गहन शोध जारी रहेगा . भगवा आतंकवाद के बाद एक नया शब्द खोजा गया है ,” हिन्दू आतंकवाद “.
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“बिग्बास “में प्रतिभागी पहले तौलता है कि उसका सबसे मजबूत प्रतिभागी कौन कौन है ,फिर वह उनको नामिनेट करने के हथकंडे प्रयोग करता है .उसी तरह राजनैतिक दल हैं .जो गलत सही किसी भी तरीके से प्रतियोगी दल या दलों के विरुद्ध सगुफा छोड़ते ही रहते हैं . यही काम कांग्रेस के गृहमंत्री श्री शिंदे ने किया है . वे तो गृहमंत्री हैं उनके पास सभी साधन उपलब्ध हैं . फिर वे केवल आरोप क्यों लगा रहे हैं ?कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं ?यदि कार्यवाही नहीं कर रहे हैं तो इसका साफ मतलब है कि उनके पास कोई सबूत नहीं है . ,केवल थोथी बातें ही कर रहे हैं . दुसरे शब्दों में नौटंकी कर रहे हैं . “हिन्दू ” में तमाम सम्प्रदाय हैं , विभिन्न जातियां हैं , फिर कौन सा हिन्दू आतंक वादी है , यह स्पष्ट होना चाहिए . आतंकवादियों का कोई धर्म नहीं होता , उनकी कोई जाति नहीं होती . आतंकवादी केवल आतंकवादी होता है . आतंकवादी का रंग भगवा , हरा ,नीला ,पीलानहीं होता . आतंकवाद उसका धर्म एवं यही उसकी पहचान है . शिंदे को , हिन्दुओं से , समय रहते गलत बोलने के लिए ,माफी मांगनी चाहिए , कहीं ऐसा न हो कि समय बीत जाय और एक गलत शब्द का खामियाजा पूरी पार्टी को भुगतना पड़ जाय .

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10 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

alkargupta1 के द्वारा
February 13, 2013

आदरणीय कृष्ण श्रीजी , बहुत सही विश्लेषण किया है .. arth poorn aalekh

    krishnashri के द्वारा
    February 13, 2013

    आदरणीय महोदया , सादर ,उत्साहवर्धन के लिए धन्यवाद

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
February 11, 2013

मुसलामानों को हिन्दुओं से कैसे दूर रखा जाय , इसके ऊपर गहन शोध जारी रहेगा . भगवा आतंकवाद के बाद एक नया शब्द खोजा गया है ,” हिन्दू आतंकवाद “. हमें वोट चाहिए बस. सार्थक लेख. सादर बधाई. आदरणीय श्री जी, प्रणाम.

    krishnashri के द्वारा
    February 13, 2013

    आदरणीय कुशवाहा जी , सादर , आपने प्रतिक्रया के एक शब्द से सब कुछ कह दिया , धन्यवाद .

shashibhushanchaudhary के द्वारा
February 11, 2013

आदरणीय कृष्ण श्री जी, सादर ! बहुत अच्छा विश्लेषण ! सभी दलों का एक साथ पोस्टमार्टम ! बहुत सही !

    krishnashri के द्वारा
    February 13, 2013

    आदरणीय चौधरी जी , सादर , समय निकालने , पढ़ने एवं प्रतिक्रया देने के लिए आभार .

omdikshit के द्वारा
February 10, 2013

आदरणीय कृष्णा जी, जय श्री कृष्ण . बहुत सही .आतंकियों की कोई जाति नहीं होती है ,नेताओं का कोई ईमान नहीं होता है.कोई चन्दा के नाम पर लूट रहा है,कोई लूट कर ..चन्दा .दिखा रहा है.सुर्ख़ियों में बने रहने के लिए …कुछ भी बोल देना होता है.

    krishnashri के द्वारा
    February 13, 2013

    आदरणीय दीक्षित जी , सादर , बात को आगे बढाने के लिए धन्यवाद .

chaatak के द्वारा
February 10, 2013

मोदी के समर्थक अब अल्पसंख्यक भी होने लगे हैं .परन्तु धर्म निरपेक्ष लोगों ( पंथनिरपेक्ष नहीं )को एक धर्म का पोलराइजेशन नज़र आ रहा है , क्योंकि वे हिन्दुओं को मुसलमानों के साथ खडा देखने के आदी नहीं हैं . कैसे लोगों को बांटा जाय और अपना उल्लू सीधा किया जाय , यही इनका काम है| सटीक आंकलन के लिए हार्दिक बधाई!

    krishnashri के द्वारा
    February 13, 2013

    आदरणीय चातक जी , सादर , हिम्मत बढाने के लिए धन्यवाद .


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